भारत और ऑस्ट्रेलिया के कमर्शियल चैंपियन ग्रुप की भूमिका बेहद अहम हो गई है। यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के नीति निर्माताओं के बीच अधिक भागीदारी के लिए मंच उपलब्ध कराता है। देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के जश्न के हिस्से के रूप में यह मंच बहुत महत्वपूर्ण है। निर्यात वृद्धि और आर्थिक सुधार की संभावना के साथ, दोनों देश कोविड -19 संकट को दूर करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
यह बात केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने आज भारत-ऑस्ट्रेलिया ट्रेड चैंपियन ग्रुप की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत को आपूर्ति श्रृंखला का वैश्विक केंद्र बनाने और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए काम शुरू कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अब इस वैश्विक मूल्य श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया के साथ साझेदारी करना चाहती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के विकास के अलावा घरेलू बाजार बनाने की जरूरत है, इससे अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान विशाल उद्यमशीलतापूर्ण प्रतिभा का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने, एक गतिशील निजी क्षेत्र तथा कुशल श्रम के साथ एक घरेलू बाजार विकसित करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर होगा। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य निश्चित रूप से अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाना तथा वर्तमान अनुकूल भौगोलिक-राजनीतिक परिस्थिति का पूरी तरह लाभ उठाना होना चाहिए।
भारत- ऑस्ट्रेलिया बिजनेस चैंपियंस ग्रुप की सह-अध्यक्षता करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि यह मंच दोनों देशों के व्यवसाय क्षेत्रों द्वारा निभाई जा रही गतिशील भूमिका को रेखांकित करने और भारत- ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम के एजेंडा की सहायता करने में मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि एक भरोसेमंद साझीदार के रूप में काम करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया को अनिवार्य रूप से आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन को बढ़ाने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में अधिक भागीदारी की दिशा में काम करना चाहिए।
पीयूष गोयल ने इस बात की सराहना की कि कोविड-19 के बाद द्विपक्षीय संबंधों में और मजबूती आई है क्योंकि दोनों ही देशों की सरकारों ने आपूर्ति श्रृंखला को कार्यशील बनाये रखने की दिशा में काम किया तथा सेवाओं की कार्य शैली की योजना फिर से बनाई गई।
पीयूष गोयल ने उल्लेख किया कि उद्योग के लिए एक अनुकूल वातावरण का निर्माण करने के लिए राष्ट्रीय एकल विंडो प्रणाली को प्रचालनगत बनाने जैसे कई प्रकार के सुधार संबंधी काम किए जा रहे है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस समूह के बिजनेस चैंपियन मजबूत भारत- ऑस्ट्रेलिया संबंधों को बढ़ाने, इसमें गहराई लाने और इसका लाभ उठाने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
ऑस्ट्रेलिया के एमपी, व्यापार, पर्यटन तथा निवेश मंत्री डैन तेहान ने कहा कि ‘भारत- ऑस्ट्रेलिया बिजनेस चैंपियंस ग्रुप का मुख्य लक्ष्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और उदार तथा गहरा बनाना और सहयोगात्मक आर्थिक विकास का रास्ता प्रशस्त करना है। ‘उन्होंने यह भी कहा कि भारत, ऑस्ट्रेलिया की आर्थिक रणनीति, विशेष रूप से व्यापार तथा निवेश के क्षेत्रों में, एक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक साझीदार बन गया है। भारत- ऑस्ट्रेलिया संबंध दोनों देशों के लोगों के बीच परस्पर संबंधों, साझा अतीत और सांस्कृतिक तथा सामाजिक कारकों सहित बहुपक्षीय समानताओं के कारण लगातार मजबूत होता जा रहा है जो साझीदारी के लिए भविष्य की संभावनाओं को प्रदर्शित करता है।
सत्र को संबोधित करते हुए, सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने पुष्टि की कि सीआईआई भारत और ऑस्ट्रेलिया की व्यवसाय भागीदारी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खनन, शिक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तथा उभरते हुए क्षेत्रों को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीआईआई बिजनेस चैंपियंस ग्रुप की पहलों का समर्थन करेगा और उसका पूरक बना रहेगा।
बीसीए की सीईओ वेस्टाकॉट एओ ने रेखांकित किया कि हमें अनिवार्य रूप से क्षेत्रीय तथा वैश्विक संस्थानों को सुदृढ़ बनाना तथा उसमें सुधार लाना चाहिए जिससे कि वे हमारे नागरिकों के लिए काम कर सकें। उन्होंने इस फोरम की सराहना की कि क्योंकि यह व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण मामलों में ऑस्ट्रेलिया तथा भारत की सरकारों के उच्च स्तरों के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का प्रस्ताव प्रस्तुत करता है। वेस्टाकॉट ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया भारत-प्रशांत क्षेत्र में एक साझा भविष्य के निर्माण के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं।
सत्र में ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त मनप्रीत वोहरा, भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल एओ, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ डॉ. अनीश शाह, एफएफआई की सीईओ जूली शटलवर्थ, भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष राकेश भारती मित्तल, अटलासियन के सह-सस्थापक तथा सह-सीईओ माइक कैनोन-ब्रूक्स, एसपी जैन स्कूल ऑफ ग्लोबल मैनेजमेंट के अध्यक्ष नितिश जैन, मैकक्वायर ग्रुप की एशिया सीईओ वेरेना लिम, टाटा कंसलटैंसी सर्विसेज एशिया सर्विसेज एशिया-पैसेफिक के अध्यक्ष गिरीश रामचंद्रन, मेलबर्न विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डंकन मस्केल सहित अन्य जानेमाने पैनेलिस्ट की भी सहभागिता रही।
भारत-ऑस्ट्रेलिया बिजनेस चैंपियंस की उद्घाटन बैठक में उद्योगों, बहुपक्षीय संगठनों, शिक्षा क्षेत्र तथा मीडिया की भी भागीदारी रही।
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