ब्रिक्स की 2021 की पर्यावरण मंत्री स्तर की 7वीं बैठक मेंभारत ने वैश्विक पर्यावरण और जलवायु चुनौती के खिलाफ ठोस सामूहिक वैश्विक कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह समानता, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं एवं परिस्थितियों और ‘एक समान लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों एवं संबंधित क्षमताओं’(सीबीडीआर-आरसी)के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित है।
यह बैठक सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में वर्चुअली आयोजित की गई थी और इसमें ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक से पहले 26 अगस्त, 2021 को पर्यावरण पर ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूह की बैठक हुई थी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत ब्रिक्स को बहुत महत्व देता है और 2021 न केवल ब्रिक्स बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण वर्ष है, क्योंकि अक्टूबर में संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सीओपी 15 और नवंबर में यूएनएफसीसीसी सीओपी 26 होना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स देश जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि, वायु प्रदूषण, समुद्र में प्लास्टिक कचरे जैसी समकालीन वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल (आईपीसीसी) कार्य समूह 1 के योगदान वाली ‘जलवायु परिवर्तन 2021: भौतिक विज्ञान’ की छठी आकलन रिपोर्ट के हालिया निष्कर्षों का उल्लेख करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि वैश्विक पर्यावरण और जलवायु चुनौतियों के खिलाफ ठोस सामूहिक वैश्विक कार्रवाई के लिए इस रिपोर्ट ने पर्याप्त या कहें कि अंतिम संकेत दे दिया है।
पर्यावरण मंत्री ने ब्रिक्स देशों के मंत्रियों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में कैसे भारत ने आज अक्षय ऊर्जा, स्थायी आवास, अतिरिक्त वन और वृक्षों के आवरण के माध्यम से कार्बन सिंक के निर्माण,टिकाऊ परिवहन के लिए परिवर्तन, ई-गतिशीलता यानी मोबिलिटी, जलवायु प्रतिबद्धताओं के लिए निजी क्षेत्र को लामबंद करने जैसे कई मजबूत कदम उठाकर एक उदाहरण पेश किया है।
भूपेंद्र यादव ने संसाधन दक्षता, चलायमान अर्थव्यवस्था, वन्यजीवों एवं समुद्री प्रजातियों या जैव विविधता के संरक्षण को महत्व देने और भारत द्वारा जलवायु परिवर्तन तथा जैव विविधता पर की गई ठोस कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया।पर्यावरण मंत्री ने कहा, ‘जैव विविधता के लिए आकर्षण का केंद्र रहे ब्रिक्स देश दुनिया को बता सकते हैं कि हम अनादि काल से इतनी बड़ी विविधता का संरक्षण कैसे कर रहे हैं और कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।’
इस बैठक में पर्यावरण मंत्रियों ने पर्यावरण पर नई दिल्ली वक्तव्य को अपनाया, जिसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच पर्यावरण में निरंतरता, समेकन और सहमति के लिए सहयोग की भावना को आगे भी बढ़ाना है। ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों के वक्तव्य, 2021 में प्रस्तावित प्रमुख क्षेत्रों को उन मुद्दों द्वारा निर्देशित किया जाता है, जिनकी सीओपी 15 और सीओपी 26 में प्रमुखता हो सकती है।
National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More
RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment