केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और कुशल नेतृत्व की सराहना की, जिसने भारत को दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में बदल दिया है।
विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी), नागपुर के वार्षिक ई-शिखर सम्मेलन कंसोर्टियम 2023 के समापन सत्र में आज वर्चुअल मोड के माध्यम से अपने मुख्य भाषण में पीयूष गोयल ने कहा कि प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में दुनिया भर में भारत का सम्मान और महत्व है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में, भारत ने राष्ट्रों के समुदाय के बीच सच्चे अर्थों में अपना सम्मान पाया है और नया भारत दुनिया को मैत्री और साझेदारी की पेशकश कर रहा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि सतत और समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से भारत की अर्थव्यवस्था को सफलतापूर्वक चलाने, कोविड महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने और एक उभरती हुई महाशक्ति की आधारशिला रखने में मदद मिली है। पीयूष गोयल ने निवेशकों, उद्यमियों, उद्यम पूंजीपतियों आदि जैसे विभिन्न हितधारकों को एक आम मंच पर लाने और क्षेत्र में स्टार्टअप और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए वीएनआईटी की भी सराहना की।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय युवा वैश्विक कंपनियों का नेतृत्व करने वाले भारतीयों के साथ दुनिया भर में विशाल प्रतिभा और क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की यात्रा प्रौद्योगिकी और नवाचार द्वारा संचालित है, जो युवाओं को नौकरी मांगने वालों के बजाय नौकरी देने वाला बनने में मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के साथ पंजीकृत 90,000 से अधिक स्टार्टअप ने प्रत्यक्ष रूप से दस लाख नौकरियों के साथ-साथ अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अनेक अवसर पैदा किए हैं।
उन्होंने लोगों और व्यवसायों के लिए सरल लेकिन अत्यधिक प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए स्टार्टअप्स की सराहना करते हुए कहा कि इससे कारोबारी सुगमता और रहन-सहन में आसानी में सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप में लैंगिक समानता है, क्योंकि लगभग आधे स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक हैं और महिला उद्यमी कई सफल स्टार्टअप का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप भारत को प्रौद्योगिकी और अवधारणाओं का देश बनाते हैं।
पीयूष गोयल ने सुशासन, ई-गवर्नेंस, समग्र सरकार के कार्य करने के दृष्टिकोण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, सर्कुलर अर्थव्यवस्था, अक्षय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन आदि में सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी और शहरीकरण छोटे पैमाने पर दुनिया भर में भारतीय तकनीकी और प्रबंधकीय प्रतिभा की मांग को पूरा करने के उद्देश्य से युवाओं को कस्बों और शहरों में हाइब्रिड मोड में काम करने में सक्षम बनाने के लिए काम किया जा रहा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि वित्त वर्ष 2022-23 में भारत का कुल निर्यात स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में लगभग 765 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने की उम्मीद है, जिसमें वस्तुओं और सेवाओं दोनों में वृद्धि हुई है, जबकि वैश्विक स्थिति इतनी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी 2023 में माल और सेवा कर का अभूतपूर्व संग्रह अर्थव्यवस्था की अधिक औपचारिकता और विकास की महत्वपूर्ण गति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी विदेश व्यापार नीति 2023 अनेक विशेषताओं के कारण दुनिया के साथ समान रूप से जुड़ने के लिए तैयार है, जो आत्मनिर्भर भारत को एक शक्तिशाली और मजबूत राष्ट्र के रूप में दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, उद्योग और निवेशकों के सम्मिश्रण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए निरंतर सुधार के माध्यम से बदलाव लाना आगे का रास्ता है, जिसके परिणामस्वरूप एकजय भारत का निर्माण हो और जो महत्वाकांक्षी हो तथा काफी तेज गति से प्रगति करे।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी और नवोन्मेषी सोच समय की मांग है और वीएनआईटी के छात्र नवोन्मेष की इस भावना को अपने साथ देश भर में ले जाएंगे।
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