केंद्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि, कोरोना महामारी की वजह से आये आर्थिक व्यवधान के कारण समाज के गरीब और कमजोर वर्ग के सामने आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) को 30 नवंबर, 2021 तक बढ़ा दिया गया है।
इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) [अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता वाले परिवारों (पीएचएच)] के अंतर्गत कवर किए गए सभी लाभार्थियों को अनाज का मुफ्त वितरण करने के लिए सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को खाद्यान्न आवंटित किया गया है। इनमें प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये सहायता प्राप्त करने वाले परिवार भी शामिल हैं। योजना के तहत चिंहित किये गए लाभार्थियों की संख्या लगभग 80 करोड़ है, हालांकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के द्वारा समय-समय पर की गई लाभार्थियों की पहचान के आधार पर इसमें परिवर्तन होता है।
एनएफएसए को केंद्र और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की संयुक्त जिम्मेदारी के तहत लागू किया गया है। यद्यपि केंद्र राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक खाद्यान्नों के आवंटन में, प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश में निर्दिष्ट डिपो तक खाद्यान्न के परिवहन और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से खाद्यान्नों की डिलीवरी उचित मूल्य की दुकान तक कराने के लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय सहायता प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। वहीं राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जवाबदेह हैं, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों की पहचान, उन्हें राशन कार्ड जारी करना, उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न का वितरण, प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की स्थापना और लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) का आवश्यक सुदृढ़ीकरण करना भी शामिल है।
वर्ष 2020 (पीएमजीकेएवाई-I और II) के दौरान पीएमजीकेएवाई-2020 (अप्रैल-नवंबर 2020) के तहत 322 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न के कुल आवंटन में से लगभग 298.8 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न (यानी करीब 93%) का वितरण राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा किया गया है।
अब तक 2021 (पीएमजीकेएवाई III) के दौरान (मई-जून 2021 में) लगभग 75.51 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न के कुल आवंटन में से करीब 73.46 लाख मीट्रिक टन (यानी लगभग 97%) खाद्यान्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा वितरित किया गया है।
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