एक ऐतिहासिक उपलब्धि में गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से आने-जाने के लिए एसी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन की शुरूआत के लिए सीआरएस से अनुमति प्राप्त हुई। गुवाहाटी असम की राजधानी में स्थित होने के कारण पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा और सर्वाधिक व्यस्त रेलवे स्टेशन है। इस प्रकार पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा शहर अब वस्तुतः सभी महानगरों और अन्य बड़े शहरों के साथ 25 केवी एसी ट्रैक्शन के माध्यम से जुड़ा हुआ है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने कटिहार से गुवाहाटी तक कुल 649 आरकेएम / 1294 टीकेएम का विद्युतीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस तरह एनएफआर में पड़ने वाले कुल एचडीएन (हाई डेंसिटी नेटवर्क) रूट (649 आरकेएम) को इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के साथ चालू किया गया है।
यह महान उपलब्धि अब नई दिल्ली को निर्बाध इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर गुवाहाटी से जोड़ेगी। यह एनएफआर द्वारा हरित परिवहन के माध्यम से राजधानी के लिए संपर्क की दिशा में एक और प्रयास है।
यहां यह बात उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने पिछले 22 अक्टूबर से कामाख्या स्टेशन से एसी ट्रैक्शन वाली ब्रह्मपुत्र मेल के आगमन और प्रस्थान के साथ इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन वाली रेलगाड़ियां पहले ही शुरू कर दी हैं।
गुवाहाटी स्टेशन के विद्युतीकरण के पूरा होने के साथ, पूर्वोत्तर से राजधानी एक्सप्रेस, तेजस राजधानी एक्सप्रेस आदि जैसी अन्य प्रतिष्ठित ट्रेनों को अब गुवाहाटी से राष्ट्रीय राजधानी और मुंबई, चेन्नई, कोलकाता आदि जैसे अन्य शहरों तक सीधे रास्ते में ट्रैक्शन रूट में परिवर्तन के बिना इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चलाया जा सकता है।
इस विद्युतीकरण कार्य से एचएसडी ऑयल पर खर्च किए गए हमारे विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी और हरित परिवहन तथा कम मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होगा।
उपरोक्त के अलावा, उच्च गति और भारी मालगाड़ियों वाली यात्री रेलगाड़ियां चलाई जा सकती हैं।
रेल खंडों के विद्युतीकरण के कारण प्राप्त होने वाले कुछ अन्य लाभ : –
एचएसडी ऑयल पर खर्च किए गए विदेशी मुद्रा पर प्रति वर्ष 300 करोड़ रुपए की शुद्ध बचत होगी।
एचएसडी तेल की खपत भी 3400 केएल प्रति माह कम हो जाएगी जिससे आयातित पेट्रोलियम पर निर्भरता कम होगी।
निर्बाध रेल संचालन के कारण, न्यू जलपाईगुड़ी और न्यू कूचबिहार में अपरिहार्य ट्रैक्शन परिवर्तन को अब समाप्त कर दिया जाएगा। इससे ट्रेनों की आवाजाही बढ़ेगी।
बढ़ी हुई गतिशीलता के फलस्वरूप ट्रेनों की उच्च गति के कारण कटिहार से गुवाहाटी के बीच कुल चलने का समय 2 घंटे (लगभग) कम हो जाएगा। नतीजतन, रेल खंड में लगभग 10 प्रतिशत अधिक रेलगाड़ियां चलाई जा सकती हैं।
विद्युतीकरण से भारी मालगाड़ियों को तेज गति से चलाया जा सकता है।
बढ़ी हुई लाइन क्षमता के कारण, 10 प्रतिशत नई यात्री रेलगाड़ियां शुरू की जा सकती हैं और इससे राजधानी से संपर्क परियोजनाओं के लिए और अधिक राजधानी एक्सप्रेस शुरू करने में मदद मिलेगी।
विद्युतीकरण से आयातित पेट्रोलियम पर निर्भरता कम होगी।
विद्युतीकरण के साथ, एंड ऑन जेनरेशन (ईओजी) सिस्टम के बजाय हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें सभी लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोच से सुसज्जित रेलगाड़ियों के दोनों छोर पर दो डीजल जेनरेटर सेट लगाने वाली दो पावर कारें हैं।
बिजली जनरेटर कारें जो प्रति घंटे लगभग 100 लीटर डीजल की खपत करती हैं, इसकी बचत के अलावा परिचालन के दौरान शोर, धुएं के उत्सर्जन से भी बचा जा सकता है।
इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आने से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
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