सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) अब पूर्वोत्तर के चार राज्यों- असम, नगालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के केवल 31 जिलों में पूरी तरह और 12 जिलों में आंशिक रूप से प्रभावी है। इन चार राज्यों में कुल 90 जिले हैं।
आफ्स्पा के तहत, सशस्त्र सेनाओं के काम करने के लिए किसी भौगोलिक क्षेत्र को अशांत घोषित किया जाता है। इसे मेघालय से 2018 में, त्रिपुरा से 2015 में और 1980 के दशक में मिजोरम से पूरी तरह हटा लिया गया था। पूर्वोत्तर में आफ्स्पा के तहत घोषित ‘अशांत क्षेत्रों’ की संख्या में कटौती की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बृहस्पतिवार को की गई।
पिछले साल दिसंबर में नगालैंड के मोन जिले में सेना द्वारा कथित तौर पर ‘‘गलत पहचान’’ करने के बाद 14 लोगों की हत्या करने के बाद इस कानून को हटाने की संभावना तलाशने के लिए गठित एक उच्च स्तरीय समिति के सुझाव के बाद यह कदम उठाया गया। आफ्स्पा, सुरक्षा बलों को बिना किसी पूर्व वारंट के किसी को भी गिरफ्तार करने की शक्ति देता है और किसी को गोली मारने पर गिरफ्तारी से बचाव की सहूलियत भी प्रदान करता है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार देर रात को जारी दो अलग-अलग अधिसूचनाओं में जानकारी दी कि नगालैंड के दीमापुर, नियुलैंड, चूमोकेदिमा, मोन, किफिरे, नोकलाक, फेक, पेरेन और जुन्हेबोटो जिलों को एक अप्रैल से छह महीने के लिए अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है। इसके अलावा कोहिमा, मोकोकचुंग, लोंगलेंग और वोखा जिले के कुछ क्षेत्रों को अशांत घोषित किया गया है।
नगालैंड में 15 जिले हैं और 1995 से पूरे राज्य को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया गया था। अरुणाचल प्रदेश के लिए गृह मंत्रालय ने कहा कि तिरप, चांगलांग और लोंगिंग जिले तथा असम की सीमा से लगने वाले नामसाई जिले में नामसाई और महादेवूर पुलिस थानांतर्गत क्षेत्रों को एक अप्रैल से छह महीने के लिए अशांत घोषित किया गया है। अरुणाचल प्रदेश में 26 जिले हैं।
असम के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि 23 जिलों से पूरी तरह और एक उप-संभाग से आंशिक रूप से आफ्स्पा हटा लिया गया है। असम के नौ जिलों- तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, चराईदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कारबी अंगलोंग, वेस्ट कारबी अंगलोंग, दिमा हसाओ और कछार जिले के लखीमपुर उप-संभाग में आफ्स्पा लागू रहेगा।
मणिपुर सरकार ने भी इसी प्रकार की अधिसूचना जारी की जिसमें कहा गया कि इंफाल वेस्ट जिले के सात पुलिस थानांतर्गत इलाके अब ‘अशांत क्षेत्र’ नहीं रहेंगे। इसके अलावा इंफाल ईस्ट जिले के चार पुलिस थानांतर्गत इलाके और थुबल, विष्णुपुर काकचिंग तथा जिरीबाम जिले के एक-एक पुलिस थानांतर्गत इलाके को भी आफ्स्पा से मुक्त कर दिया गया है।
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