Categories: News-Headlines

पीएम गतिशक्ति के तहत 64वीं नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) की बैठक में बुनियादी ढांचे की तीन प्रस्तावित परियोजनाओं और रेल सागर कॉरिडोर कार्यक्रम पर चर्चा हुई

64वीं नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की बैठक 23 जनवरी 2024 को सिकंदराबाद स्थित भारतीय रेलवे वित्तीय प्रबंधन संस्थान (आईआरआईएफएम) में विशेष सचिव, लॉजिस्टिक्स सुमिता डावरा की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। इस बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीच), नागर विमानन मंत्रालय (एमओसीए), रेल मंत्रालय (एमओआर), पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू), दूरसंचार विभाग (डीओटी), विद्युत मंत्रालय (एमओपी), रक्षा मंत्रालय (एमओडी), नीति आयोग और दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) के प्रतिनिधि सहित बुनियादी ढांचा से जुड़े प्रमुख मंत्रालयों और विभागों की सक्रिय भागीदारी हुई। बैठक के दौरान, नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) ने रेल मंत्रालय (1) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (2) की कुल तीन प्रस्तावित ग्रीनफील्ड परियोजनाओं पर चर्चा की, जिनकी कुल परियोजना लागत लगभग 9600 करोड़ रुपये है। चर्चा की गई परियोजनाओं का सारांश नीचे दिया गया है:

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच प्रस्तावित नई बीजी लाइन

एमओआर द्वारा प्रस्तावित परियोजना में नए वाणिज्यिक और पर्यटन क्षेत्रों को एकीकृत करने के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच एक ब्रॉड-गेज लाइन शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ाना, माल व यात्री ट्रेनों की क्षमता बढ़ाना और तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इसके अलावा, इस परियोजना से रोजगार एवं पर्यटन में वृद्धि होगी और प्रमुख जंक्शनों पर यातायात की भीड़ कम होगी। आंध्र प्रदेश में स्थित बंदरगाहों के साथ समन्वय को ध्यान में रखते हुए, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को बढ़ाने हेतु इस परियोजना के लिए बनाई गई योजना में क्षेत्र विकास दृष्टिकोण का समावेश किया गया है।

भारतमाला परियोजना के तहत एक नए क्षेत्र रिंग रोड का प्रस्तावित निर्माण

ओडिशा में न्यू रीजन रिंग रोड (आरआरआर) के प्रस्तावित निर्माण का भी एनपीजी सदस्यों द्वारा मूल्यांकन किया गया। एमओआरटीएच की इस परियोजना का उद्देश्य चेन्नई और कोलकाता के बीच माल ढुलाई को सुचारू बनाना है। इसका उद्देश्य आर्थिक गलियारों, औद्योगिक पार्कों, खनिज एवं खनन क्षेत्रों, माल भंडारों आदि जैसे आर्थिक नोड्स के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और सामाजिक नोड्स को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करना है। यह ओडिशा के प्रमुख शहरों से होते हुए गुजरेगा, शहरों में होने वाली यातायात की भीड़ से बचाएगा है और यात्रा के समय को 37.5 प्रतिशत कम करके लॉजिस्टिक्स संबंधी दक्षता को बढ़ायेगा।

उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-727 को चार-लेन का बनाने का प्रस्ताव

इस बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना पर चर्चा की गई। वह परियोजना उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-727 को चार लेन का बनाने से संबंधित थी। निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर, यह परियोजना बौद्ध सर्किट रूट, 2 सामाजिक, 3 औद्योगिक पार्क तथा समुद्री भोजन एवं कपड़ा क्लस्टर जैसे 4 आर्थिक नोड्स और अमृत भारत रेलवे स्टेशनों एवं हवाई अड्डों सहित ग्यारह लॉजिस्टिक्स नोड्स को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इससे सीमा पार व्यापार बढ़ने, सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने और आर्थिक केन्द्रों, औद्योगिक व कृषि क्षेत्रों, औद्योगिक पार्कों आदि के लिए सड़क कनेक्टिविटी में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे आर्थिक गतिविधियों, व्यापार तथा निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना की सफलता से गोदामों, वितरण केन्द्रों और लॉजिस्टिक्स केन्द्रों सहित सहायक बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और बढ़ती यातायात व यात्रा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सड़क के किनारे सुविधाओं, गैस स्टेशनों और आराम करने के स्थानों जैसी नई सेवाओं के अवसर पैदा होंगे।

इसके अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि को 5 ट्रिलियन रुपये तक बनाए रखने और 2031 तक 8464 मिलियन मीट्रिक टन की लॉजिस्टिक्स बाजार वृद्धि को संभव बनाने में रेल बुनियादी ढांचे के महत्व पर भी जोर दिया गया। भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि के परिणामस्वरूप कार्गो की आवाजाही के लिए लॉजिस्टिक्स संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, भारतीय रेल ने 2031 तक रेल मॉडल की हिस्सेदारी को 35 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इससे भारत की लॉजिस्टिक्स लागत और तेल आयात में कमी आएगी। इसके अतिरिक्त, तीन आर्थिक गलियारे जिनमें (i) ऊर्जा, खनिज और सीमेंट गलियारे, (ii) उच्च यातायात घनत्व वालेमार्ग, और (iii) रेल सागर गलियारे (पोर्ट कनेक्टिविटी कार्यक्रम) की भी एमओआर द्वारा योजना बनाई गई है। इन परियोजनाओं का रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, सतत विकास लक्ष्यों में योगदान होगा और अर्थव्यवस्था के उत्पादन पर गुणात्मक प्रभाव पड़ेगा।

अपनी समापन टिप्पणी में, विशेष सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि ये परियोजनाएं परिवहन के विभिन्न साधनों को एकीकृत करेंगी, पर्याप्त सामाजिक-आर्थिक लाभ प्रदान करेंगी, और क्षेत्रों के समग्र विकास में योगदान देंगी। उन्होंने कहा कि मंत्रालयों को बुनियादी ढांचा परियोजना योजना में क्षेत्र विकास योजना दृष्टिकोण को शामिल करना चाहिए और बुनियादी ढांचे की कमियों की पहचान करने और क्षेत्र विकास के लिए एकीकृत योजना को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकारों सहित स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाना चाहिए।

Leave a Comment

Recent Posts

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More

3 hours ago

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से हो सकती है शुरुआत

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More

3 hours ago

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और परीक्षा से जुड़ी अहम बातें

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More

5 hours ago

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ी ताकत

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More

6 hours ago

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More

7 hours ago

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

1 day ago

This website uses cookies.