व्यापार सुगमता पहल के तहत, एक मोबाइल एक्स-रे कंटेनर स्कैनिंग प्रणाली (एमएक्ससीएस) को पारादीप पोर्ट ट्रस्ट ने लगाया है। यह स्कैनर पीआईसीटी टर्मिनल के निकट लगाया गया है, जिसकी लागत 30 करोड़ रुपये है। स्कैनर लगाने से अब कंटेनरों को व्यक्ति द्वारा खुद जाकर जांचने की प्रक्रिया में कमी आयेगी। साथ ही कंटेनरों को जमा रखने का समय भी कम होगा। एमएक्ससीएस के कामयाब परीक्षण के बाद परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद (एईआरबी) ने 27 अगस्त, 2021 को इसके नियमित उपयोग के लिये पारादीप कस्टम्स को लाइसेंस जारी कर दिया। स्कैनर द्वारा एक घंटे में 25 कंटेनरों की जांच की जा सकती है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों के तहत अधिक सुरक्षा और बिना किसी अड़चन के कंटेनरों को रवाना किया जा सकता है।
इस सुविधा से बिना कटाई किये हुये धातु के स्क्रैप वाले कंटेनरों का आवागमन भी बंदरगाह के जरिये सुविधापूर्वक होने लगेगा, ताकि दूर-दराज के उद्योगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके, जो लंबे समय तक स्क्रैप के आने का इंतजार करते रहते हैं। स्कैनर के इस्तेमाल से उम्मीद की जाती है कि पारादीप बंदरगाह पर ज्यादा से ज्यादा कंटेनर आने लगेंगे। उल्लेखनीय है पारादीप पोर्ट ट्रस्ट निर्यात-आयात व्यापार के लिये साजो-सामान की लागत में कमी लाने का लगातार प्रयास करता रहा है। उसकी यह पहल सरकार की व्यापार सुगमता के ध्येय के अनुरूप भी है। आरसीएल, जिम इंटरनेशनल शिपिंग लाइन और श्रेयस शिपिंग जैसी जहाजरानी कंपनियां बंदरगाह से नियमित रूप से संपर्क में हैं। अन्य जहाजरानी कंपनियां भी पोर्ट द्वारा छूट की पेशकश और उन्नत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुये यहां आने के लिये तैयार होंगी।
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