हिमाचल प्रदेश और गुजरात की राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः 8 जनवरी, 2023 और 18 फरवरी, 2023 को समाप्त होने वाला है। भारत निर्वाचन आयोग (इसके बाद से इसे ईसीआई कहा जाएगा) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 एवं अनुच्छेद 172 (1) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 15 के तहत प्रदत्त अधिकारों और शक्तियों का उपयोग करते हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश की विधानसभाओं के कार्यकाल की समाप्ति से पहले इन राज्यों में स्वतंत्र, निष्पक्ष, सहभागी, सुगम्य, समावेशी और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
आयोग नियत समय के भीतर निर्वाचित सरकार को स्थापित करने के लिए चुनाव का संचालन करने और इसके साथ ही मतदान एवं मतदाताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और संस्थागत रूपरेखा के अनुसार अपने संवैधानिक अधिदेश को पूरा करने के लिए भी बाध्य है।
कोविड काल के दौरान आयोग ने बिहार, तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के सामान्य चुनाव कराने के लिए 21 अगस्त, 2020 को ‘कोविड-19 के दौरान सामान्य चुनाव/उप-चुनाव कराने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश’ जारी किए। इसके बाद गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की विधानसभाओं के सामान्य चुनावों के दौरान आयोग ने मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और 8 जनवरी, 2022 को ‘संशोधित व्यापक दिशा-निर्देश, 2022’ जारी किए, जिनके तहत आयोग ने प्रचार अभियान, रैलियों, इत्यादि पर पाबंदियां लगाईं जिनमें चरणबद्ध तरीके से 15 जनवरी, 2022, 22 जनवरी, 2022, 31 जनवरी, 2022, 6 फरवरी, 2022, 12 फरवरी, 2022, 22 फरवरी, 2022 और 10 मार्च, 2022 के प्रेस नोटों के जरिए और भी ज्यादा ढील दी गई।
आयोग ने कोविड की स्थिति, टीकाकरण की स्थिति, एसडीएमए के वर्तमान दिशा-निर्देशों/निर्देशों, आगामी त्योहारी सीजन के दौरान कोविड से निपटने की व्यवस्था, इत्यादि की समीक्षा करने के लिए 7 सितंबर, 2022 को सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के साथ और 13 सितंबर, 2022 को गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव (गृह), स्वास्थ्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ बैठकें कीं। आयोग को देश भर में कोविड की बेहतर स्थिति, कोविड के मामलों की संख्या में किसी भी संभावित वृद्धि से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों और कोविड की रोकथाम के उपायों के लिए डीएम अधिनियम के प्रावधानों को लागू नहीं करने संबंधी एनडीएमए के निर्णय के बारे में जानकारी दी गई।
आयोग ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिवों और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की गई विभिन्न एडवाइजरी, विशेष रूप से टेस्ट, ट्रैक, उपचार, टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार की 5 सूत्री रणनीति का कड़ाई से अनुपालन बनाए रखें और जारी रखें। आयोग ने सभी पात्र मतदान कर्मियों और अधिकारियों का टीकाकरण करने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा आयोग ने इन दोनों राज्यों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और/या संबंधित एसडीएमए द्वारा निर्दिष्ट मापदंडों के अनुसार कड़ी निगरानी रखने और आगामी त्योहारी सीजन और चुनावों के दौरान कोविड की स्थिति से संबंधित इस तरह के निर्धारित मापदंडों में कोई भी गैर जरूरी परिवर्तन होने की स्थिति में उचित श्रेणीबद्ध कदम उठाने का निर्देश दिया।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान राज्य स्तर पर मुख्य सचिव और जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट आयोग द्वारा जारी इन कोविड दिशा-निर्देशों की निगरानी, पर्यवेक्षण और अमल के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार होंगे।
सभी हितधारक अर्थात राजनीतिक दल, उम्मीदवार, प्रचारक, मतदाता और चुनाव प्रक्रिया में लगे अधिकारी हमेशा सार्वजनिक स्वास्थ्य / सुरक्षा के प्रति अपने प्रमुख कर्तव्य के प्रति सचेत रहेंगे और कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करेंगे।
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