केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के कार्यान्वयन से जुड़े वर्तमान अंतर-मंत्रालयी मुद्दों के समाधान के लिए आज इन्फ्रास्ट्रक्चर समिति के 9वें समूह की बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय मंत्री ने पर्यावरण और इकोलॉजी के संरक्षण के महत्व को देखते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, रेलवे, संचार, इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव, एमओईएफ एंड सीसी, श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव, आरटीएंडएच राज्य मंत्री जनरल (डॉ.) वी. के. सिंह (सेवानिवृत्त) और रक्षा व पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने भाग लिया।
इस बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री (एमओआरटीएच), रक्षा मंत्रालय (एमओडी), पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी), रेल मंत्रालय (एमओआर), इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय , विद्युत मंत्रालय (एमओपी) नागर विमानन मंत्रालय (एमओसीए), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई), राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के वरिष्ठ अधिकारी और महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल व हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
एजेंडे में एनओसी, काम करने के लिए स्वीकृति/मंजूरियों की सुविधा देने, भूमि आवंटन/ हस्तांतरण सुनिश्चित करने और धनराशि जारी करने से संबंधित मुद्दों के समाधान के द्वारा निर्माणाधीन इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के विकास को गति देने के उद्देश्य से विचार के लिए कई मुद्दे शामिल किए गए थे। इनमें एमओईएफएंडसीसी में लंबित वन और पर्यावरण मंजूरियां, लंबित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) संबंधी स्वीकृतियां, रेल मंत्रालय के साथ लॉजिस्टिक पार्क/ इंटर मॉडल स्टेशन और आरओबी/आरयूबी निर्माण के मुद्दे, राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नीति के अलाइनमेंट का मुद्दा, डॉट के साथ राजमार्गों पर फाइबर के लिए कॉमन डक्ट का मुद्दा, एमओडी आदि के साथ लंबित काम की स्वीकृतियों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
बैठक में राजमार्ग और अन्य इन्फ्रा परियोजनाओं से संबंधित लंबित वन मंजूरियों का अहम मुद्दा भी उठाया गया। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में प्रगति तेज करने के लिए निर्देश दिए गए। इस अवसर पर रेलवे व एमओआरटीएच की भूमि/आरओडब्ल्यू नीतियों व पर्यावरण और वन मंजूरी के लिए समग्र दिशा-निर्देशों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रेल मंत्री ने नई तकनीकों और रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए वित्तीय मॉडलों के महत्व को रेखांकित किया, साथ ही इसी तर्ज पर एमओआरटीएच के साथ मिलकर काम करने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि वह परियोजनाओं को व्यवहार्य बनाने के क्रम में पहले से अधिग्रहित भूमि में राजमार्गों से सटे क्षेत्र में रेल लाइनें बिछाने की योजना की व्यवहार्यता का परीक्षण करेंगे। नितिन गडकरी ने कार्बन क्रेडिट की योजना की तरह ट्री बैंक शुरू करने का सुझाव दिया।
मंत्रियों ने इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी लाने के क्रम में विभिन्न एजेंसियों द्वारा उठाए गए मामलों पर विचार करने और उनके समाधान पर सहमति प्रकट की, जिससे राष्ट्र निर्माण में योगदान किया जा सकेगा।
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