Categories: News-Headlines

नई इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगी: अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति की आज जानकारी दी। हरियाणा के मानेसर में वीवीडीएन उद्योग केंद्र में मंत्री ने इस बात की जानकारी दी कि हाल ही में कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नई इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी। मंत्री ने यह भी कहा कि योजना के दिशा-निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परिदृश्य के लिए ऐतिहासिक घटनाक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरियाणा के मानेसर में कंपनी के ग्लोबल इनोवेशन पार्क में वीवीडीएन टेक्नोलॉजीज की अत्याधुनिक सरफेस माउंट टेक्नोलॉजी (एसएमटी) लाइन और मैकेनिकल इनोवेशन पार्क का भी उद्घाटन किया।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले छह वर्षों में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में पाँच गुना वृद्धि हुई है, जिसका कुल मूल्य 11 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। पिछले दशक में निर्यात में छह गुना वृद्धि हुई है और अब यह 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्‍होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में से एक बताया। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह क्षेत्र अब 25 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है और आने वाले वर्षों में तेजी से विकास करने के लिए तैयार है।

अश्विनी वैष्णव ने सुविधा केंद्र के दौरे के दौरान भारत के डिज़ाइन पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती ताकत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस स्थान पर जटिल, एआई-एम्बेडेड सिस्टम पर काम करने वाले 5,000 से अधिक इंजीनियरों की टीम है। मंत्री ने कहा, “भारत के पास अब न केवल विनिर्माण बल्कि परिष्कृत इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को डिजाइन करने की भी प्रतिभा है।” उन्होंने कहा कि इससे देश को डिजाइन क्षमता की कमी वाले अन्य देशों की तुलना में महत्वपूर्ण बढ़त मिलती है। केंद्रीय मंत्री ने सुविधा केंद्र के इंजीनियरों और श्रमिकों के साथ भी बातचीत की और उनसे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना जारी रखने का अनुरोध किया।

अश्विनी वैष्णव ने स्वदेशी रूप से उत्पादित उपकरणों के महत्व पर भी बल दिया, जिसमें कहा गया कि भारत अब घरेलू स्तर पर डिजाइन उपकरण तैयार कर रहा है और उनका निर्माण कर रहा है – जो तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण छलांग है। वीवीडीएन द्वारा हाल ही में 6,000 एआई सर्वरों की तैनाती का जिक्र करते हुए, अश्विनी वैष्णव ने इसे महत्‍वपूर्ण उपलब्धि बताया जो भारत की हार्डवेयर क्षमता को दर्शाती है।

मंत्री ने बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा, डिजाइन-आधारित नवाचार और विविध दुर्लभ खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं पर आधारित विश्वसनीय इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण आधार बनाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने तीन-स्तरीय कौशल रणनीति के विवरण की भी जानकारी दी। इसमें विशेष रूप से इस क्षेत्र में उच्च पूंजी-व्यय कौशल के लिए प्रासंगिक बुनियादी प्रशिक्षण, ऑन-साइट उत्पाद-विशिष्ट प्रशिक्षण और उद्योग-संरेखित विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम शामिल हैं।

नई इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना

अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना को कैबिनेट की मंजूरी के बारे में भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि सक्रिय घटक राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत आते हैं, जबकि निष्क्रिय घटकों को इस योजना के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि साथ मिलकर वे इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण के गुलदस्ते को पूरा करेंगे – जिससे भारत वास्तव में आत्मनिर्भर बनेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना से घरेलू उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि, रोजगार सर्जन और आयात निर्भरता में कमी आने की आशा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजाइन, विनिर्माण, कौशल और विश्वसनीय नवाचार के लिए भारत का एकीकृत दृष्टिकोण देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स परिदृश्य में अग्रणी स्थान पर ले जाएगा।

सुविधा केंद्रों का परिचय

नव उद्घाटित एसएमटी लाइन वीवीडीएन की अब तक की सबसे बड़ी लाइन है और यह 850mm x 560mm तक के पीसीबी आकारों का समर्थन करती है। इसकी उद्योग-अग्रणी गति 250,000 घटक प्रति घंटा है। यह एआई सर्वर, नेटवर्किंग डिवाइस और मदरबोर्ड जैसे उच्च तकनीक वाले उत्पादों के बड़े पैमाने पर उत्पादन को सक्षम करेगी।

इस बीच, 1,50,000 वर्ग फुट में फैले मैकेनिकल इनोवेशन पार्क में टूल-मेकिंग, सीएनसी, ईडीएम, इंजेक्शन मोल्डिंग और अन्य सुविधाएं होंगी, जिससे पूरी तरह एकीकृत डिजाइन-से-उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होगा। इन सुविधाओं से 3,000 से अधिक नए कुशल रोजगार सर्जित होने की संभावना है। इससे रोजगार सर्जन और उच्च तकनीक कौशल के लिए सरकार के दृष्टिकोण को बल मिलेगा।

वीवीडीएन भारतीय कंपनी है जो पूर्ण बैकवर्ड इंटीग्रेशन के साथ डिजाइन-आधारित विनिर्माण पर केंद्रित है। अनुसंधान एवं विकास के 11 केंद्रों और 5,000 से अधिक इंजीनियरों की टीम के साथ वीवीडीएन एआई सर्वर, ईवी उत्पाद, कैमरे, वाई-फाई 7 एक्सेस पॉइंट आदि जैसे अगली पीढ़ी के समाधान विकसित करने में अग्रणी है। इस कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने सर्वर आरएंडडी लैब, 5जी आरएंडडी लैब और वीडियो इमेज ट्यूनिंग लैब के साथ-साथ सर्वर और कैमरा उत्पादन लाइनों सहित वीवीडीएन की अत्याधुनिक आरएंडडी लैब का भी दौरा किया।

उद्घाटन समारोह प्रगतिशील सरकारी नीति और गतिशील निजी क्षेत्र की पहल के बीच तालमेल का प्रमाण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ने व्यापार करना आसान बनाने की प्रक्रिया में सुधार, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति विश्व स्तरीय अवसंरचना और मजबूत संस्थागत समर्थन द्वारा चिह्नित सक्षम वातावरण बनाया है।

Leave a Comment

Recent Posts

1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More

15 hours ago

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में सीमा संबंधी विषयों पर बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More

15 hours ago

JEE Advanced 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवारों के लिए रैंक, स्कोर और कटऑफ से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई।

JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More

16 hours ago

This website uses cookies.