देश में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) योजना और पीएम मित्र पार्क को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। गुजरात के हलोल में एवगोल नॉनवॉवन की नई उत्पादन सुविधा का वर्चुअली उद्घाटन करने के बाद, केन्द्रीय वस्त्र और रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोश ने कहा कि सरकार फाइव एफ-फाइबर (रेशा) से फार्म (खेती) से फैब्रिक (कपड़ा) से फैशन से फॉरेन (विदेश) पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में मानव निर्मित फाइबर में भारत का योगदान 25 प्रतिशत है। इस हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए, वैश्विक बाजार में एक मजबूत प्रतियोगी के रूप में उभरने के साथ-साथ वांछित पैमाना और आकार हासिल करने में पीएलआई योजना और पीएम मित्र पार्क सहायता करेंगे। इंडोरामा ने 100 प्रतिशत एफडीआई के तहत हलोल में अपने संयंत्र में निवेश किया है।
उन्होंने कहा कि पीएलआई योजना और पीएम मित्र पार्क दोनों के लिए प्रधानमंत्री की परिकल्पना एक इकोसिस्टम विकसित करने में मदद करेगा जहां कारोबार में सुगमता और प्लग इन प्ले के माध्यम से उद्योग नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि मल्टी-मॉडल कनेक्टीविटी के लिए प्रधानमंत्री का गतिशक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान शासन के एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि एक डिजिटल प्लेटफॉर्म- गति शक्ति एकीकृत योजना और बुनियादी ढांचा कनेक्टिविटी परियोजनाओं के समन्वित कार्यान्वयन के लिए रेलवे और रोडवेज सहित 16 मंत्रालयों को एक साथ लाएगा।
दर्शना जरदोश ने कहा कि प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल के आह्वान से स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ वस्त्र क्षेत्र से जुड़े कारीगरों को भी काफी मदद मिली है।
प्रधानमंत्री मित्र पार्क योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक आत्मानिर्भर भारत के निर्माण और वैश्विक वस्त्र मानचित्र पर भारत को मजबूती से स्थापित करने की परिकल्पना को साकार करना है। भारत पांच साल की अवधि में 10,683 करोड़ रुपये के स्वीकृत वित्तीय परिव्यय के साथ वस्त्र उत्पादों– एमएमएफ एपरल, एमएमएफ फैब्रिक्स और प्रोडक्ट्स ऑफ टेक्नीकल टेक्सटाइल्स की उत्पादन क्षमताओं और निर्यात को बढ़ाएगा। इस क्षेत्र के विकास को और बढ़ावा देने के लिए, केन्द्र ने कपास के आयात शुल्क को भी हटा दिया।
उन्होंने बताया कि भारत पहली बार जी20 शिखर सम्मेलन का मेजबान भी होगा, जिसमें कई देशों की भागीदारी होगी। शिखर सम्मेलन विभिन्न क्षेत्रों पर विचार करने के लिए मंच प्रदान करेगा। इसमें शैक्षणिक, निवेश के साथ सबसे महत्वपूर्ण इस विषय पर चर्चा की जाएगी कि वस्त्र उद्योग से जुड़ी भारत की संस्कृति को किस प्रकार विश्व स्तर पर आगे बढ़ाया जाए।
नई उत्पादन सुविधा में लगभग 12 एकड़ भूमि है जो 3 हाई स्पीड लाइनों तक नॉन-वॉवन लाइन विस्तार के लिए पर्याप्त है। पहले चरण में लगभग 175 करोड़ का निवेश किया गया है और 12 महीनों के भीतर संयंत्र उत्पादन के लिए तैयार है।
इस निवेश में इज़राइल से 100 प्रतिशत एफडीआई और इज़राइली पेरेंट कम्पनी से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की बात शामिल है। संयंत्र में 10,000 मीट्रिक टन विशेषता वाला नॅान वॉवन कपड़ा बनाने की वार्षिक क्षमता के साथ 200 करोड़ की आमदनी होगी। यह देश से प्रति वर्ष 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा को बाहर जाने से रोकेने में मदद करेगा और प्रधानमंत्री की प्रमुख योजनाओं, “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” में योगदान करेगा। निर्मित भवन आईजीबीसी ग्रीन बिल्डिंग मानदंडों के अनुसार है और प्लेटिनम रेटेड प्रमाणीकरण होने की महत्वाकांक्षा रखता है।
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