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त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन ने भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, नवाचार और समाधान को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र (पायलट) का मार्ग प्रशस्त किया

अपने राज्य सहायता मिशन के तहत, नीति आयोग ने उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को सक्षम करने पर दूसरी राज्य कार्यशाला आयोजित की। महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी) और अरुणाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित कार्यशाला 24 नवंबर 2023 को दोरजी खांडू राज्य कन्वेंशन सेंटर, ईटानगर में आयोजित की गई थी। कार्यशाला पूर्वोत्तर क्षेत्र पर केंद्रित थी और इसमें सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने उद्घाटन सत्र में घोषणा की कि अरुणाचल प्रदेश राज्य में महिला उद्यमियों को समर्थन देने के लिए पांच करोड़ रुपये की प्रारंभिक वित्तपोषण के साथ एक महिला उद्यमिता सेल की स्थापना की जाएगी। यह प्रकोष्ठ “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, इन्क्यूबेशन तथा तत्परता सहित विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। महिला उद्यमियों के लिए एक इको-सिस्टम बनाने के प्रयासों पर डब्ल्यूईपी को बधाई देते हुए, उन्होंने उसके साथ निरंतर सहयोग की आशा व्यक्त की।

अरुणाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव धर्मेंद्र ने अपने संबोधन में क्षेत्र में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल पर प्रकाश डाला तथा वित्त, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और परामर्श तक उनकी पहुंच में सरकार के समर्थन पर जोर दिया।

अटल इनोवेशन मिशन नीति आयोग के मिशन निदेशक चिंतन वैष्णव ने उद्यमशीलता इको-सिस्टम को सक्षम करने की दृष्टि से विकसित भारत 2047 के हवाले से सभा को संबोधित किया। नीति आयोग की वरिष्ठ सलाहकार और डब्ल्यूईपी की मिशन निदेशक अन्ना रॉय ने सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग के जनादेश और इस एजेंडे को आगे बढ़ाने में राज्य सहायता मिशन की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने पूर्वोत्तर में महिला-नीत विकास के उत्प्रेरक के रूप में डब्ल्यूईपी की भूमिका पर प्रकाश डाला। अग्रणी महिला उद्यमियों ने महिला उद्यमियों के लिए परिवर्तनकारी प्रभाव पैदा करने के लिए नीतिगत इको-सिस्टम, परोपकार की भूमिका और सहयोग के उपयोग के बारे में अपनी यात्रा तथा विचार साझा किये।

कार्यशाला के भाग के रूप में, अरुणाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने डब्ल्यूईपी के अवार्ड टू रिवॉर्ड (एटीआर) के तहत पूर्वोत्तर राज्यों की महिला उद्यमियों के लिए कई पहल शुरू कीं, जो विशेष रूप से उद्योग और इको-सिस्टम के दिग्गजों के साथ साझेदारी में बनाई गई थीं। पहली लॉन्चिंग “कैटालिसटेक एंटरप्रेन्योर इनोवेशन चैलेंज” थी, जो एक अटल इनोवेशन सेंटर-सेल्को फाउंडेशन साझेदारी है और स्वच्छ ऊर्जा उद्यमिता का समर्थन करने पर केंद्रित है। एटीआर का उद्देश्य कृषि, स्वास्थ्य देखभाल और सूक्ष्म व्यवसायों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना तथा इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों के बीच स्थिरता व जलवायु अनुकूलता के लिए जागरूकता और समाधान तैयार करना है।

महिला उद्यमियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र में महिला होमस्टे मालिकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए मेकमाईट्रिप के साथ साझेदारी में दूसरा लॉन्च “मैत्री कार्यक्रम” था। एटीआर कार्यक्रम होमस्टे मालिकों को मेकमाईट्रिप सहित ऑनलाइन मार्केटप्लेस का उपयोग करने का प्रशिक्षण प्रदान करेगा, और एक मजबूत डिजिटल उपस्थिति बनाने के लिए अपने व्यवसायों को ऑनलाइन विपणन करेगा।

सहयोग का अगला सेट महिला उद्यमों के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने पर केंद्रित है। इसमें “नैस्कॉम फ्यूचर स्किल्स प्रोग्राम” का लॉन्च शामिल है, जो तीन आधारों पर महिला उद्यमियों को कौशल प्रदान करेगा: गैर-तकनीकी, अर्ध-तकनीकी और तकनीकी लघु शिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से उद्यमियों को संरचित प्रयोगों के माध्यम से अवधारणाओं का परीक्षण करने, व्यापार रणनीति को परिष्कृत करने में मदद मिलेगी। इसके जरिये वे अपने व्यवसाय को बढ़ाने और अपने ग्राहकों के लिए मूल्य बनाने के लिए पूंजी जुटाने में सक्षम होंगी।

फिक्की एफएलओ द्वारा “एफएलओ एमएसएमई सहायता केंद्र” को पूर्वोत्तर की महिला उद्यमियों के लिए एक हेल्पडेस्क के रूप में लॉन्च किया गया था, ताकि उन्हें सलाह और नेटवर्किंग के अवसरों, साझेदारी को बढ़ावा देने, नए बाजारों तक पहुंच बनाने और कौशल विकास और क्षमता निर्माण प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान किया जा सके। इसमें महिला उद्यमियों की ज़रूरतों के साथ उनके लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अवसर भी पैदा करना शामिल है।

बिट्स पिलानी और आदित्य बिड़ला फाउंडेशन द्वारा “महिलाउद्यमी” कार्यक्रम तकनीकी-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से भारत में बदलाव लाने वाली महिला उद्यमों को मान्यता देने के लिए शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम महिला उद्यमियों को 18 महीने लंबे इनक्यूबेशन कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है, जो आगे बढ़ने के लिए आमने-सामने की सलाह और बाजार समर्थन प्रदान करता है और 10 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग हासिल करने का अवसर प्रदान करता है।

डब्ल्यूईपी की पहुंच बढ़ाने के लिए, ई-टेक पार्टनर्स, मास्टरकार्ड और स्क्वायरपांडा ने डब्ल्यूईपी पर नई सुविधाओं की घोषणा की। इसकेर तहत 12 भाषाओं में सामग्री, चैटबॉट और कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अरुणाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों से डब्ल्यूईपी प्लेटफॉर्म (www.wep.gov.in) पर पंजीकरण करने और उनके द्वारा शुरू किए गए सभी कार्यक्रमों से लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।

कार्यशाला में 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें महिला उद्यमी, स्थानीय स्वयं सहायता समूह, सरकारी अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, इनक्यूबेटर/एक्सीलेरेटर, वित्तीय संस्थान, परोपकारी फाउंडेशन और अन्य शामिल थे। कार्यशाला में महिला उद्यमियों के लिए उनकी उद्यमशीलता यात्रा को मजबूत करने के लिए उपयोगी सत्रों की मेजबानी की गई और पूर्वोत्तर क्षेत्र के टिकाऊ तकनीकी उद्यमियों को प्रदर्शित करने के लिए सेल्को फाउंडेशन द्वारा तैयार किया गया एक तकनीकी अनुभव केंद्र का भी प्रस्तुतिकरण किया गया।

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