भारत की अध्यक्षता में जी20 एंटी-करप्शन वर्किंग ग्रुप (एसीडब्ल्यूजी) की तीसरी और अंतिम बैठक 9 से 11 अगस्त 2023 तक कोलकाता में आयोजित होगी। जी20 सदस्यों, 10 आमंत्रित देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 154 से अधिक प्रतिनिधि इस बैठक में भाग लेंगे। इसके बाद 12 अगस्त 2023 को जी20 की भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे। यह जी-20 एसीडब्ल्यूजी की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक और एसीडब्ल्यूजी मंत्रिस्तरीय बैठक होगी। मंत्रिस्तर पर होने वाले विचार-विमर्श से भ्रष्टाचार का मुकाबला करने के लिए और राजनीतिक प्रोत्साहन मिलेगा क्योंकि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों में एसीडब्ल्यूजी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2018 में जी20 देशों को प्रस्तुत भगोड़े आर्थिक अपराधों और संपत्ति की वसूली के खिलाफ कार्रवाई के लिए नौ सूत्री एजेंडा से निर्देशित एसीडब्ल्यूजी भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और संपत्ति की वापसी के संबंध में भ्रष्टाचार विरोधी सहयोग पर महत्वपूर्ण प्रगति हासिल करने में सक्षम रहा है।
गुरुग्राम और ऋषिकेश में आयोजित क्रमशः पहली और दूसरी एसीडब्ल्यूजी बैठकों के दौरान, भारत महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों पर तीन परिणाम दस्तावेजों (उच्च स्तरीय सिद्धांतों) को अंतिम रूप देकर अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जी20 में आम सहमति बनाने में सक्षम रहा।
यह व्यावहारिक और कार्रवाई-उन्मुख उच्चतम-स्तरीय प्रतिबद्धताएं भ्रष्टाचार के अपराधों की रोकथाम, पता लगाने, जांच और मुकदमा चलाने, घरेलू भ्रष्टाचार-विरोधी संस्थागत ढांचे को मजबूत करने, भगोड़े आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण और विदेशी न्यायालयों से ऐसे अपराधियों की संपत्ति की वसूली में योगदान देंगी।
भ्रष्टाचार को रोकने और मुकाबला करने के लिए जिम्मेदार सार्वजनिक निकायों और प्राधिकरणों की ईमानदारी और प्रभावशीलता को बढ़ावा देने पर उच्च-स्तरीय सिद्धांत भ्रष्टाचार विरोधी संस्थानों की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए एक मार्गदर्शक ढांचा प्रदान करेंगे। यह संस्थागत कमजोरी और जवाबदेही की कमी सहित भ्रष्टाचार के मूल कारण को संबोधित करने में मदद करेगा।
भ्रष्टाचार से निपटने के लिए संपत्ति वसूली तंत्र को मजबूत करने पर उच्च-स्तरीय सिद्धांत अपराध की आय की शीघ्र वसूली के लिए एक मजबूत और प्रभावी ढांचे की स्थापना का समर्थन करने के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों का एक समूह है। ये सिद्धांत उन आर्थिक अपराधियों को रोकेंगे जो विदेशी न्यायालयों में शरण लेना चाहते हैं।
भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सूचना साझाकरण को मजबूत करने पर उच्च-स्तरीय सिद्धांत कानून प्रवर्तन एजेंसियों और देशों के बीच सूचना साझाकरण के माध्यम से अंतर-एजेंसी सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने के लिए एक 6-सूत्रीय योजना है। यह भ्रष्टाचार के अपराधों के खिलाफ समय पर और प्रभावी कार्रवाई, अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने और अपराधों की आय की वसूली सुनिश्चित करेगा।
एसीडब्ल्यूजी भ्रष्टाचार से निपटने में ऑडिट संस्थानों की भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। इससे पहले, वर्ष में, सार्वजनिक प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं के वितरण और लैंगिक संबंधी मुद्दों में भ्रष्टाचार को कम करने में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग को उजागर करने के लिए अतिरिक्त कार्यक्रम भी आयोजित किए गए थे। भारत की अध्यक्षता में शुरू की गई महिलाओं पर भ्रष्टाचार के प्रभाव पर चर्चा से भ्रष्टाचार विरोधी रणनीतियों में जेंडर-संवेदनशील और जेंडर-उत्तरदायी दृष्टिकोण अपनाने के लिए सामूहिक पहल की दिशा में और ठोस कार्रवाई होगी।
कोलकाता में तीसरी एसीडब्ल्यूजी बैठक, एसीडब्ल्यूजी के भविष्य के काम को दिशा देगी और भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान कानून प्रवर्तन सहयोग, संपत्ति वसूली तंत्र को मजबूत करने और भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों की अखंडता और प्रभावशीलता को बढ़ाने पर की गई प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाएगी।
यह बैठक जी20 सदस्यों, आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों (आईओ) द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में भ्रष्टाचार से निपटने से संबंधित मूल्यवान अंतर्दृष्टि और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को भी सक्षम बनाएगी। सिविल सोसाइटी (सी20), महिला समूह (डब्ल्यू20), थिंक टैंक (टी20), सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशंस (एसएआई20) और बिजनेस ग्रुप (बी20) सहित जी20 एंगेजमेंट ग्रुप (ईजी) भी भ्रष्टाचार विरोधी काम पर जी20 एसीडब्ल्यूजी को अपडेट करेंगे।
इन भ्रष्टाचार विरोधी चर्चाएँ को मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल किया जाएगा। दूसरी जी20 भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक 2010 में अपनी स्थापना के बाद से समूह की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो एक बहुमुखी चुनौती के रूप में भ्रष्टाचार की बढ़ती मान्यता को दर्शाती है जो वैश्विक स्तर पर भ्रष्टाचार को संबोधित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और मजबूत राजनीतिक प्रोत्साहन की मांग करती है।
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