तमिलनाडु विधानसभा ने तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग संबंधी प्रस्ताव आज पारित कर दिया। सदन में इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया गया। ऑल इंडिया अन्ना डीएमके और भारतीय जनता पार्टी ने प्रस्ताव के विरोध में सदन से वॉकआउट किया।
मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि कृषि कानून किसानों के हितों के विरूद्ध हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह किसानों के विरोध की अनदेखी कर रही है जबकि उन्हें संघीय सिद्धान्तों का उल्लंघन करने वाले कानूनों का विरोध करने का अधिकार है।
सदन में विपक्ष के नेता ओ पन्नीरसेल्वम ने कहा कि राज्य सरकार को जल्दबाजी में प्रस्ताव लाने की बजाय इस बारे में सभी दलों की राय जानने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी। राज्य के कृषि मंत्री एम आर के पन्नीरसेल्वम ने पिछली सरकार द्वारा पारित कृषि उत्पाद और पशुधन, अनुबंध खेती और सेवा अधिनियम वापिस लेने संबंधी विधेयक प्रस्तु किया।
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