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ट्राई ने “FM रेडियो प्रसारण से संबंधित मुद्दों” पर सिफारिशें जारी कीं

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज “एफएम रेडियो प्रसारण से संबंधित मुद्दों” पर अपनी सिफारिशें जारी की हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने दिनांक 11 मई 2022 के अपने संदर्भ माध्यम से ट्राई अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(ए) के तहत प्राधिकरण से निम्नलिखित मुद्दों पर सिफारिशें मांगी हैं:

दिनांक 25.07.2011 के एफएम पीएच-III नीतिगत दिशानिर्देश में निर्धारित वार्षिक शुल्क के फॉर्मूले में गैर-वापसीयोग्य एक बार प्रवेश शुल्क (एनओटीईएफ) के लिंकेज की समाप्ति।

15 वर्ष की मौजूदा एफएम लाइसेंस अवधि का 3 वर्ष तक विस्तार।

एफएम रेडियो प्रसारण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए, प्राधिकरण ने 5 अगस्त 2022 को एआरओआई के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। एआरओआई के प्रतिनिधियों ने, अन्य बातों के अलावा, प्राधिकरण के समक्ष विचार के लिए निम्नलिखित मुद्दे उठाए:

निजी एफएम रेडियो चैनलों को स्वतंत्र समाचार बुलेटिन प्रसारित करने की अनुमति

मोबाइल हैंडसेट में एफएम रेडियो रिसीवर की उपलब्धता

इस संबंध में, 09 फरवरी 2023 को एक परामर्श-पत्र जारी किया गया था जिसमें एफएम रेडियो प्रसारण से संबंधित मुद्दों पर विभिन्न हितधारकों से टिप्पणियां मांगी गई थीं। टिप्पणियां जमा करने की अंतिम तिथि 09 मार्च 2023 थी और प्रति-टिप्पणियां जमा करने की अंतिम तिथि 23 मार्च 2023 थी। ट्राई को विभिन्न हितधारकों से 11 टिप्पणियां और 9 प्रति-टिप्पणियां प्राप्त हुईं। ये टिप्पणियां ट्राई की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इस संबंध में 26 अप्रैल 2023 को ऑनलाइन मोड के माध्यम से एक खुली (ओपन हाउस) चर्चा भी आयोजित की गई थी।

परामर्श प्रक्रिया के दौरान हितधारकों से प्राप्त सभी टिप्पणियों/प्रति-टिप्पणियों पर विचार करने और विभिन्न मुद्दों के विस्तृत विश्लेषण के बाद, प्राधिकरण ने अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप दिया है। इन सिफारिशों की मुख्य विशेषताएं नीचे दी गई हैं:

एफएम रेडियो चैनल की वार्षिक लाइसेंस शुल्क को गैर-वापसीयोग्य एक बार प्रवेश शुल्क (एनओटीईएफ) से अलग किया जाना चाहिए।

लाइसेंस शुल्क की गणना संबंधित वित्तीय वर्ष के दौरान एफएम रेडियो चैनल के सकल राजस्व (जीआर) के 4 प्रतिशत के रूप में की जानी चाहिए। जीएसटी को सकल राजस्व (जीआर) से बाहर रखा जाना चाहिए।

सरकार कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए एफएम रेडियो ऑपरेटरों को राहत प्रदान करने के लिए उचित उपाय कर सकती है।

निजी एफएम रेडियो ऑपरेटरों को घड़ी के प्रत्येक घंटे में 10 मिनट की सीमित अवधि तक समाचार और समसामयिक मामलों के कार्यक्रम प्रसारित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

समाचार सामग्री के लिए आकाशवाणी पर लागू कार्यक्रम संबंधी आचार संहिता निजी एफएम रेडियो चैनलों पर भी लागू की जा सकती है।

एफएम रेडियो से संबंधित कार्य या सुविधाएं आवश्यक हार्डवेयर वाले सभी मोबाइल हैंडसेट पर सक्षम और सक्रिय रहनी चाहिए। मोबाइल हैंडसेट में अंतर्निर्मित एफएम रेडियो रिसीवर किसी भी प्रकार की अक्षमता या निष्क्रियता के अधीन नहीं होना चाहिए।

मोबाइल फोन निर्माताओं (या आयातकों) द्वारा अनुपालन की निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए संयुक्त सचिव या उससे ऊपर के स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में एक स्थायी समिति गठित जा सकती है। इस समिति में एमआईबी, एआरओआई, एमएआईटी और आईसीईए जैसे प्रमुख हितधारकों को शामिल किया जाना चाहिए।

ऐसे मोबाइल हैंडसेटों, जिनमें एफएम रिसीवर के लिए आवश्यक कार्यक्षमता हो, में एफएम रेडियो कार्यक्षमता को सक्षम करने से संबंधित किसी भी गैर-अनुपालन के मामले की जानकारी देने या शिकायत दर्ज करने के लिए एक ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।    

इन सिफारिशों का संपूर्ण पाठ ट्राई की वेबसाइट www.trai.gov.in पर उपलब्ध है। इस संबंध में किसी भी स्पष्टीकरण/जानकारी के लिए, श्री अनिल कुमार भारद्वाज, महानिदेशक ट्राई सीएसआर एवं सलाहकार (बी एंड सीएस) से दूरभाष नंबर +91-11-23237922 पर संपर्क किया जा सकता है।

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