युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के लिए सहायता योजना के तहत एनएसएफ हेतु सहायता के मानदंडों में संशोधन किया है। मानदंडों का अंतिम संशोधन फरवरी 2022 में किया गया था। पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद, एक नया ओलंपिक चक्र शुरू हो गया है, जिससे बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर मानदंडों की समीक्षा करना आवश्यक हो गया था। उभरती चुनौतियों का समाधान करने और 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की भारत की आकांक्षा का समर्थन करने के लिए व्यापक समीक्षा की गई थी। मानदंडों को संशोधित करते समय, मंत्रालय ने प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास, उपकरण की खरीद और एथलीट कल्याण कार्यक्रमों से जुड़े व्यय में मुद्रास्फीति के कारण बढ़ी हुई लागतों को ध्यान में रखा है।
कई घटकों के लिए सहायता की धनराशि में वृद्धि के अलावा, कुछ नए उपाय भी पहली बार प्रस्तुत किए गए हैं। संशोधित योजना के तहत, एनएसएफ को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि विशेष रूप से जूनियर और युवा विकास के लिए उनके वार्षिक बजट का कम से कम 20 प्रतिशत उनकी संबद्ध इकाइयों के माध्यम से जमीनी स्तर के विकास के लिए निर्धारित किया जाए, ताकि बेंच स्ट्रेंथ का विकास सुनिश्चित किया जा सके।
संशोधित योजना में क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया गया है। योजना के तहत प्रदान की जाने वाली निधि का कम से कम 10 प्रतिशत कोच और तकनीकी कर्मचारियों के विकास के लिए आवंटित किया जाएगा। इसमें भारत में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, विदेश में भारतीय कर्मियों के लिए पाठ्यक्रम, कोचिंग पाठ्यक्रम का विकास, सम्मेलनों, संगोष्ठियों और कार्यशालाओं का आयोजन और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन कार्यक्रमों सहित ऐसी कार्यशालाओं या पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए विदेशी या भारतीय विशेषज्ञों की नियुक्ति करना शामिल है।
सभी एनएसएफ को प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए समर्पित एक कोचिंग शिक्षा विशेषज्ञ की नियुक्ति भी करनी होगी। विदेशी विशेषज्ञों को गैर-प्रशिक्षण अवधि के दौरान स्थानीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने और उनकी क्षमता का निर्माण करने के लिए भी अधिकृत किया जाएगा, जैसा कि संबंधित एनएसएफ के परामर्श से सरकार द्वारा तय किया जाएगा। यह आवश्यकता प्रमुख परिणाम क्षेत्रों (केआरए) का हिस्सा होगी।
10 करोड़ रुपये या उससे ज़्यादा के सालाना बजट वाले एनएसएएफ को अनिवार्य रूप से एक हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर (एचपीडी) नियुक्त करना होगा, जो खेल के समग्र तकनीकी विकास कार्यक्रम को डिजाइन करने और उसकी निगरानी करने के लिए ज़िम्मेदार होगा। एनएसएफ द्वारा एचपीडी के लिए केआरए को परिभाषित किये जाने के बाद उसे हायरिंग कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किया जाएगा।
उच्च प्राथमिकता और प्राथमिकता वाले खेल विषयों के एनएसएफ दो श्रेणियों – सीनियर ग्रुप और जूनियर ग्रुप में एथलीटों के संभावित समूहों की पहचान करेंगे, जिनमें उच्च निष्पादन की संभावना है। इन संभावित समूह के एथलीटों को प्रशिक्षित करने वाली अकादमियों को कोच और तकनीकी कर्मचारियों के लिए सहायता प्रदान करके मजबूत किया जाएगा। खेल विज्ञान सेवाओं और विशेष उपकरणों के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी।
एनएसएफ को संभावित समूह एथलीटों के प्रशिक्षण के लिए चुनिंदा अकादमियों की पहचान और उन्हें मान्यता प्रदान करनी होगी। इन अकादमियों का चयन एनएसएफ द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। प्रत्येक खेल के लिए इन मान्यता प्राप्त अकादमियों में दिए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी संबंधित एचपीडी द्वारा की जाएगी। एनएसएफ द्वारा वित्तपोषण के लिए अपने प्रस्तावों में इनमें से प्रत्येक अकादमियों की कमियों का विश्लेषण प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रत्येक संभावित समूह एथलीट को गैर-शिविर दिनों के लिए 10,000 रुपये प्रति माह का आहार भत्ता प्रदान किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे इन अवधि के दौरान उचित पोषण से वंचित न रहें।
एनएसएफ के मामलों को पेशेवर तरीके से प्रबंधित करने के लिए, प्रशासनिक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। सीईओ या निदेशक जैसे प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए 10 प्रतिशत तक की धनराशि आवंटित की जाएगी, जिन्हें वित्त और लेखा, प्रतियोगिताएं, कोच विकास और खरीद, आईटी, कानूनी मामले, कार्यालय सहायक, प्रशिक्षु आदि के लिए प्रबंधकों द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।
संशोधित योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन, भारत में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के आयोजन, आहार शुल्क और कोच के वेतन के लिए वित्तीय सहायता की राशि में पर्याप्त वृद्धि की गई है।
राष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता को उच्च प्राथमिकता वाले खेलों के लिए 90 लाख रुपये और प्राथमिकता वाले खेलों के लिए 75 लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया है, जो मौजूदा 51 लाख रुपये है।
देश में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए वित्तीय सहायता को दोगुना करके 2 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
मुख्य राष्ट्रीय कोच का वेतन 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जबकि अन्य कोचों का वेतन 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
वरिष्ठ एथलीटों के लिए आहार शुल्क 690 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति एथलीट प्रतिदिन कर दिया गया है तथा जूनियर एथलीटों के लिए आहार शुल्क 480 रुपये से बढ़ाकर ₹850 प्रति एथलीट प्रतिदिन कर दिया गया है।
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