पॉवर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पॉवरग्रिड) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर केन्या पारेषण परियोजना विकसित करने के लिए अखिल-अफ्रीका अधोसंरचना निवेश मंच-अफ्रीका 50 के साथ एक संयुक्त विकास समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस परियोजना के अंतर्गत 400 केवी लेसोस-लूसुक और 220 केवी किसुमु-मुसागा पारेषण लाइनों का सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) प्रारूप के अंतर्गत विकास, वित्त पोषण, निर्माण और परिचालन किया जाना है। इस परियोजना के पूर्ण होने के साथ ही केन्या में प्रथम स्वतंत्र विद्युत पारेषण (आईपीटी) होगी और पहली बार पीपीपी आधार पर पारेषण लाइनों के वित्त पोषण के संबंध में अफ्रीका में संदर्भ बिंदु के रूप में उपयुक्त होगी। इस परियोजना से पश्चिमी केन्या में विद्युत पारेषण की आपूर्ति और निरंतरता दोनों में सुधार होगा तथा इसके प्रत्यक्ष प्रभाव के कारण अफ्रीका के विद्युत पारेषण नेटवर्क्स के विस्तार की दिशा में निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ाने में सहायता मिलेगी, जो इस महाद्वीप की विद्युत की उपलब्धता संबंधी कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण साबित होगा ।
विश्व की प्रमुख विद्युत पारेषण उपयोगिता कंपनियों में से एक पॉवरग्रिड इस विकास साझेदारी के तहत तकनीकी और परिचालन संबंधी जानकारी प्रदान करेगी, जबकि अफ्रीका 50 इसमें परियोजना विकास और वित्तीय प्रबंधन की अपनी विशेषज्ञता का योगदान देगी तथा केन्या सरकार और निजी निवेशकों के बीच सेतु का कार्य करेगी।
इस समझौते पर हस्ताक्षर किया जाना इस बात को रेखांकित करता है कि इस परियोजना की वित्तीय जरूरते पूर्ण होने तक इसकी विकास संबंधी गतिविधियों में तेजी लाने के लिए पॉवरग्रिड और अफ्रीका 50 संसाधन समर्पित करना जारी रखेंगे।
पॉवरग्रिड की ओर से इस समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए इसके अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री के.श्रीकांत ने कहा कि पॉवरग्रिड को खुशी है कि उसने अफ्रीका 50 के साथ साझेदारी करके केन्या में पीपीपी मोड में प्रथम पारेषण परियोजना के विकास का दायित्व ग्रहण किया। पारेषण पूरी विद्युत आपूर्ति श्रृंखला में दक्षता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मजबूत पारेषण नेटवर्क न केवल विद्युत ग्रिड को निरंतरता और सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि क्रेताओं और विक्रेताओं को भेदभाव रहित पहुँच भी उपलब्ध कराता है। इससे प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहन मिलता है, जिसके फलस्वरूप अंतिम उपभोक्ता को किफायती दाम पर विद्युत उपलब्ध होती है। पॉवरग्रिड को आशा है कि केन्या की मौजूदा पारेषण परियोजना, केन्या और साथ ही साथ अन्य अफ्रीकी देशों में भी और इसी तरह की परियोजनाओं के निर्माण के लिए मॉडल का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि पीपीपी मोड के तहत पारेषण प्रणालियों का उत्तरदायित्व लेने के संबंध में अपनी समृद्ध तकनीकी और प्रबंधन विशेषज्ञता के साथ पॉवरग्रिड को इस यात्रा में सहयोग देते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है।
समझौते के बारे टिप्पणी करते हुए अफ्रीका 50 के सीईओ एलेन इबोबिस्से ने कहा कि अपने एक शेयरधारक देश के भीतर ऐसी महत्वपूर्ण और अग्रणी परियोजना के कार्यान्वयन के लिए केन्या सरकार और पॉवरग्रिड के साथ साझेदारी करके उन्हें बेहद खुशी हो रही है। अफ्रीका में ऊर्जा निर्माण संबंधी अधोसंरचना में निजी निवेश आकर्षित करने पर पिछले कुछ वर्षों से काफी बल दिया जा रहा है। समूचे अफ्रीका में विद्युत पारेषण नेटवर्क के विकास में निजी निवेश को उत्प्रेरित करने पर भी ध्यान देने का समय अब आ चुका है, क्योंकि ये विेशषकर वंचित समुदायों तक विद्युत पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं।
अफ्रीका 50 के बारे में :
अफ्रीका 50 एक अवसंरचना निवेश मंच है, जो बैंक ग्राह्य या बैंकेबल अवसंरचना परियोजनाओं के विकास और निवेश, सार्वजनिक क्षेत्र की पूंजी के उत्प्रेरण और निजी क्षेत्र की निधियों का संघटन करने के माध्यम से विशिष्ट वित्तीय लाभ और प्रभावों सहित अफ्रीका के आर्थिक विकास में योगदान देता है। अफ्रीका 50 में वर्तमान में 31 शेयरधारक हैं, जिनमें 28 अफ्रीकी देश, अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ वेस्ट अफ्रीकन स्टेट्स (बीसीईएओ) और बैंक अल-मगरिब शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए visit: www.africa50.com विजिट करें।
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