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केंद्रीय कृषि मंत्री ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन सामान्य परिषद की बैठक की

एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) की सामान्य परिषद की बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई। इसमें कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि देश में खाद्यान्न व बागवानी क्षेत्र में हुई प्रगति प्रशंसनीय है लेकिन साथ ही वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के लिए कम समय में छलांग लगाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर देश में खेती-किसानी के क्षेत्र में नई कार्यशैली विकसित हुई है जिससे किसानों में उत्साह का माहौल है। हमारा खाद्यान्न भंडार इतना समृद्ध है कि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ ही दुनिया को भी पूर्ति की जा रही है, वहीं कोरोना महामारी के दौरान सरकार द्वारा 80 करोड़ लोगों को 19 महीने तक मुफ्त खाद्यान्न दिया जाना देश व कृषि क्षेत्र की बड़ी ताकत को दर्शाता है।

बैठक में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नारायण राणे, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री गिरिराज सिंह, संस्कृति, पर्यटन एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी, कार्मिक, जनशिकायत व पेंशन तथा परमाणु ऊर्जा व अंतरिक्ष मंत्री जितेंद्र सिंह, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, नीति आयोग के सदस्य डा. रमेश चंद, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्र तथा अशासकीय सदस्य भी उपस्थित थे।

कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र हमारे देश में महत्वपूर्ण है, जिसने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपनी प्रासंगकिता सिद्ध की है। सरकार की किसान हितैषी नीतियों, किसानों की अथक मेहनत व वैज्ञानिकों के कुशल अनुसंधान के कारण कृषि क्षेत्र की ग्रोथ हो रही है। यह ग्रोथ और बढ़े, निर्यात व रोजगार में वृद्धि हो, यह बड़ी जिम्मेदारी बागवानी क्षेत्र की है। कृषि मंत्री तोमर ने औषधीय खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए जागरूकता लाई जाए, क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए तथा किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएं, इससे उनकी आमदनी काफी बढ़ सकेगी। इसी तरह, जैविक खेती का विस्तार भी संभव है, जिसके लिए प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था सरकार कर रही है, जिसमें सभी का सहयोग जरूरी है। सरकार द्वारा 10 हजार नए एफपीओ बनाने का काम किया जा रहा है, जिससे किसानों को लाभ होगा। बैठक में अन्य केंद्रीय मंत्रियों तथा सभी शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव बताए।

बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। प्रारंभ में एमआईडीएच के प्रबंध निदेशक व संयुक्त सचिव राजबीर सिंह ने प्रेजेन्टेशन दिया तथा बैठक का संचालन किया। राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने आभार माना।

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