प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत में 5जी सेवाओं के ऐतिहासिक शुभारंभ के अवसर पर, एशिया के सबसे बड़े दूरसंचार महोत्सव, छठी इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2022 का आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में शानदार सफलता के साथ समापन हुआ। पहले इसे 3 दिनों के लिए निर्धारित किया गया था। किंतु इसकी लोकप्रियता, रुचियों और भारी भीड़ से उत्साहित होकर, भव्य वार्षिक कार्यक्रम को एक और दिन के लिए बढ़ा दिया गया। चौथे दिन आगंतुकों का स्वागत किया गया, जिन्हें अत्याधुनिक तकनीक और 5जी के बल पर भविष्य में भारत के बदलाव की झलक मिली। केंद्रीय संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के मिश्रा, और प्रधानमंत्री के सलाहकार अमित खरे ने अपनी उपस्थिति से आईएमसी 2022 के अंतिम दिन की शोभा बढ़ाई।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस उत्सव को अब वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया जाना है। उन्होंने अगले 30 दिनों में एक रोडमैप और प्रारूप तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने का भी आग्रह किया। दूरसंचार विभाग और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, आईएमसी 2022 में 80 सत्रों में 362 वक्ताओं, 13,500 प्रतिभागियों के साथ-साथ 150 सार्वजनिक उपक्रमों और विभिन्न अन्य विभागों के 7000 सरकारी अधिकारी, 10 केंद्रीय मंत्री, राज्यों के 17 मंत्री, 30 हजार छात्र और अन्य सहित कुल मिलाकर 1.07 लाख से अधिक आगंतुक शामिल हुए। 1 से 4 अक्टूबर तक आयोजित आईएमसी 2022 में 239 स्टाल लगाए गए और 1811 प्रदर्शकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस वर्ष 4 दिवसीय लंबे भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री प्रह्लाद जोशी, संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान, रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी, भारती एंटरप्राइजेज के सीईओ सुनील भारती मित्तल, आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला, आदि सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
आईएमसी 2022 में भारत में 5जी तकनीक के विकास और प्रयासों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ यह बताया गया कि कैसे वे संचार, कनेक्शन और वाणिज्य को सहज बनाकर डिजिटल बदलाव लाने में योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद के रोपड़ प्राइमरी स्कूल के छात्रों के साथ शिक्षा में 5जी तकनीक के लाभ के बारे में वर्चुअल तौर पर बात की। उन्होंने 5जी तकनीक वाले वोडाफोन आइडिया द्वारका टनल के कर्मचारियों के साथ मौजूदा चुनौतियों पर बातचीत की और बताया कि कैसे 5जी तकनीक उनके जीवन को बदलने जा रही है। उन्होंने वाराणसी के एक स्कूल की एक छात्रा के होलोग्राम अवतार के साथ 5जी के लाभों और संवर्धित वास्तविकता में अध्ययन के उसके अनुभव के बारे में भी बातचीत की।
केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए भारत सरकार द्वारा देशभर में 100 5जी लैब स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार सभी दूरसंचार कंपनियों के लिए लाइसेंस व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रूप से काम कर रही है और दूरसंचार उद्योग से छात्रों को प्रशिक्षित करने, नवाचार, अनुसंधान और प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए इनमें से कम से कम 12 प्रयोगशालाओं को इनक्यूबेटर में बदलने का आग्रह किया। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी प्रदर्शनी का दौरा किया और भारत के डिजिटल बदलाव की दिशा में अनुसंधानकर्ताओं, निजी संगठनों, स्टार्टअप और अन्य के योगदान की सराहना की।
छठी आईएमसी 2022 में दूरसंचार और तकनीकी कंपनियों, नीति निर्माताओं, विचारकों, शिक्षाविदों सहित अन्य क्षेत्रों के शीर्ष दिग्गजों का स्वागत किया गया। वक्ताओं ने भविष्य में 5जी के विकास और देश में इसके बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन पर अपने विचार साझा किए। इसमें 5जी क्षेत्र में चुनौतियों, प्रयासों और अवसरों पर भी चर्चा हुई, जो भारत में एक मजबूत प्रौद्योगिकी इको-सिस्टम बनाने में योगदान कर सकते हैं।
आईएमसी 2022 में ‘न्यू डिजिटल यूनिवर्स’, ‘डिकोडिंग द पोटेंशियल ऑफ डिजिटल भारत’, ‘स्किलिंग इंडिया फॉर न्यू 5जी पैराडाइम, टुवर्ड्स 5जी एंड एडवांस्ड 6जी- एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, ‘ग्लोबल सीईओ कॉन्क्लेव: स्टीयरिंग इंडिया टू द न्यू डिजिटल यूनिवर्स’, ‘ग्लोबल सीटीओ कॉन्क्लेव: नेक्स्ट टेकेड के लिए एक कनेक्टेड इको-सिस्टम का निर्माण’ और कई अन्य शीर्षक से व्यावहारिक और विचारोत्तेजक सत्रों का आयोजन किया गया।
आईएमसी के प्रयासों को डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के साथ जोड़ा गया है और वाणिज्य, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, संचार और वित्तीय समावेशन के क्षेत्रों में चुनौतियों का समाधान करने के लिए मेड-इन-इंडिया प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया गया है। अपनी स्थापना के बाद से, आईएमसी प्रौद्योगिकी उत्पादों के निर्माण के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की ताकत और उसके दर्जे को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। यह नए डिजिटल यूनिवर्स में स्टार्टअप्स, लघु उद्योगों की भूमिका पर प्रकाश डाल रही है, ताकि उच्च स्तर की सेवा, उपकरण और इस्तेमाल में सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि प्राप्त की जा सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल इको-सिस्टम को एक साथ लाने और डिजिटलाइजेशन, टेक्नोलॉजी, राष्ट्र निर्माण, औद्योगिक क्रांति और सरकारी सेवाओं को घर-घर तक ले जाने पर संवाद और प्रयासों के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करने के लिए आईएमसी के प्रयासों की सराहना की।
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