भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में 417 करोड़ रूपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी 2.0) की स्थापना को स्वीकृति दे दी है। इसका उद्देश्य स्थानीय विनिर्माण और नवाचार को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आज इस परियोजना की समीक्षा की। परियोजना के क्रियान्वयन में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को परियोजना के तेजी से क्रियान्वयन के लिए राज्य के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
परियोजना के बारे में : स्वीकृत ईएमसी 2.0 परियोजना को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) द्वारा विकसित किया जाएगा। यह क्लस्टर 200 एकड़ में फैला होगा और इसमें 2,500 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘’इस परियोजना से विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा और 15,000 रोजगार के अवसर तैयार होंगे। यह भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप है। यह रोजगार सृजन और विकसित भारत के निर्माण पर सरकार के जोरदार फोकस को दर्शाता है।”
उत्पाद: यह क्लस्टर उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, ऑटोमोटिव और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, चिकित्सा उपकरण, कंप्यूटर हार्डवेयर और संचार उपकरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विनिर्माण का समर्थन करेगा। स्टार्टअप और एमएसएमई को विश्व स्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और साझा सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसमें कारखाने का स्तरीय शेड, बिजली, पानी की व्यवस्था, सीवेज उपचार, छात्रावास, कौशल विकास केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र आदि शामिल हैं। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और साज-सामग्री की लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
स्थान : क्लस्टर का स्थान इसे एक सशक्त बढ़ावा देता है। यह सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यह यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और आगामी पलवल-खुर्जा एक्सप्रेसवे के साथ रणनीतिक रूप से जुड़ा हुआ है।
यह साइट रेलवे स्टेशन और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों के भी करीब है। इसके अलावा, ईएमसी मेडिकल डिवाइस पार्क, एमएसएमई और अपैरल पार्क और एविएशन हब जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों से घिरा हुआ है।
ईएमसी के बारे में : अब तक इस योजना के तहत परियोजनाओं में लगभग 30,000 करोड़ रूपये का निवेश किया जा चुका है। ईएमसी ने 520 कंपनियों को आकर्षित किया है, जिससे 86,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने के आसार हैं।
उत्तर प्रदेश में इस नए ईएमसी के साथ, भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। यह इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों के निर्माताओं को देश में अपना संचालन स्थापित करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
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