अन्य देशों में अफगानस्तिान के दूतावासों के भविष्य के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है। अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद इसके कई दूतावासों ने तालिबान की सरकार से संबंध तोड लिए हैं। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी के हवाले से वहां की समाचार एजेंसी ने खबर दी है कि अफगानिस्तान के कुछ दूतावास स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं और उनके राजस्व के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रालय के अस्सी प्रतिशत कर्मचारी अफगानिस्तान छोडकर जा चुके हैं। अन्य देशों के दूतावासों के साथ संबंध बनाये रखना विदेश मंत्रालय के राजनीतिक विभागों की जिम्मेदारी होती है लेकिन इस समय इन विभागों में बहुत कम अधिकारी रह गए हैं। अफगान समाचार एजेंसी ने खबर दी है कि इस समय अफगानिस्तान के अधिकतर दूतावासों ने काबुल प्रशासन और जिन देशों में ये दूतावास हैं, उनसे सम्पर्क तोड लिया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया कि महत्वपूर्ण… Read More
सरकार ने अधिसूचित किया है कि टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गुजरात के धोलेरा… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का फोन आया। बातचीत के दौरान,… Read More
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में… Read More
ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से… Read More
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment