विश्व एकता, शांति और आध्यात्मिक उत्थान के लिए अपने दृष्टिकोण के माध्यम से अरबिंदो मानवता के लिए एक शाश्वत प्रेरणा: उपराष्ट्रपति

विश्व एकता, शांति और आध्यात्मिक उत्थान के लिए अपने दृष्टिकोण के माध्यम से अरबिंदो मानवता के लिए एक शाश्वत प्रेरणा: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने पुडुचेरी में अरबिंदो आश्रम का दौरा किया

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज युवाओं से भारत की कालातीत परंपराओं की गहरी समझ विकसित करने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति नायडू ने समकालीन जीवन की गतिविधियों में भारत की सांस्कृतिक प्रतिभा के विभिन्न आयामों को लागू करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने आज पुडुचेरी में अरबिंदो आश्रम के अपने दौरे के पर यह टिप्पणी की। उपराष्ट्रपति नायडू ने भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत पर अरबिंदो के बल का जिक्र करते हुए कहा कि हमें एक राष्ट्र के रूप में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए इस रचनात्मक भावना को फिर से हासिल करने की जरूरत है।

विभाजन के समय राष्ट्रीय एकता के लिए अरबिंदो के आह्वान का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि उनके और हमारे गणतंत्र के संस्थापक नेताओं के सपने को साकार करने और एक पुनरुत्थान वाले भारत के निर्माण के लिए, हम सभी को हमारे महान राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अथक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने और वास्तव में एक समान समाज के निर्माण के लिए अपनी सामूहिक इच्छाशक्ति पैदा करनी चाहिए”। उन्होंने कहा कि इस आदर्श स्थिति को हासिल करने की दिशा में काम करना इस महान संत को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

आश्रम की अपनी यात्रा को एक समृद्ध अनुभव बताते हुए, उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि आश्रम में सामुदायिक जीवन की जीवंतता और गतिशील चरित्र श्री अरबिंदो की आध्यात्मिक विरासत के अंतर्निहित मिशन को दर्शाता है।

यात्रा के दौरान, उपराष्ट्रपति ने अरबिंदो की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि महान क्रांतिकारी योगी, कवि और दार्शनिक अरबिंदो, विश्व एकता, शांति और आध्यात्मिक उत्थान के लिए अपने दृष्टिकोण के माध्यम से मानवता के लिए एक शाश्वत प्रेरणा बने हुए हैं।

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