विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, लाल सागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की तैनाती, भारत की क्षमता और सामर्थ्य कठिन परिस्थितियों में मदद की गारंटी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, लाल सागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की तैनाती, भारत की क्षमता और सामर्थ्य कठिन परिस्थितियों में मदद की गारंटी

विदेश मंत्री डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि लाल सागर क्षेत्र में भारत कठिन परिस्थितियों में अन्‍य देशों की मदद करने की क्षमता रखता है। अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव और प्रतिष्ठा की ये पुष्‍टी करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपने निकटवर्ती क्षेत्रों में संकट के दौरान एक जिम्मेदार देश के रूप में कार्य करता है। मुंबई में भारतीय प्रबंधन संस्थान में एक समारोह में डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि भारत ने लाल सागर क्षेत्र में नौसेना के दस पोत तैनात किये हैं। उन्‍होंने आईएनएस विशाखापट्टनम का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में इस पोत ने एक अन्‍य मालवाहक पोत में लगी आग बुझाई और चालक दल के सदस्यों को बचाया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना ने पाकिस्तानी और ईरानी मछुआरों को भी समुद्री लुटेरों से बचाया है।

विदेश मंत्री ने ऐसे कई अवसरों का उल्लेख किया जब भारत ने संकट के दौरान अन्य देशों की मदद की। उन्होंने लाल सागर क्षेत्र में भारतीय नौसैनिक पोतों की तैनाती, तुर्की भूकंप के दौरान बचाव दल भेजने और श्रीलंका तथा मोज़ाम्बिक में संकट के दौरान भारत की सहायता के बारे में बताया।

विकास की दौड़ में पीछे छूट गये देशों से भारत के जुड़ाव के बारे में उन्होंने कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारत ने इन देशों की अधिक सहायता की है। डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि आज ये देश हमारी ओर देखते हैं क्योंकि कोविड महामारी के दौरान भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र के कई देशों को टीके उपलब्‍ध कराये थे और डॉक्टर भेजे थे।

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