रक्षा मंत्रालय सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर एक शीर्ष खरीदार के रूप में अग्रणी रहा है, इसका कुल सकल व्यापारिक मूल्य में 16 प्रतिशत का योगदान रहा

रक्षा मंत्रालय सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर एक शीर्ष खरीदार के रूप में अग्रणी रहा है, इसका कुल सकल व्यापारिक मूल्य में 16 प्रतिशत का योगदान रहा

रक्षा मंत्रालय सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के माध्यम से क्रय-विक्रय की विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने वाले कुल 56 मंत्रालयों एवं विभागों के बीच सबसे अग्रणी मंत्रालय के रूप में उभर कर सामने आया है, जो ऑर्डर मूल्य और ऑर्डर मात्रा दोनों में ही मामलों में शीर्ष स्थान पर है। रक्षा मंत्रालय ने इसकी स्थापना के बाद से सरकारी ई-मार्केटप्लेस के सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और यह एक प्रभावशाली तरीके से 12 सितंबर 2023 तक 73,225.30 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

चालू वित्त वर्ष 2023-24 में सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से 12 सितंबर 2023 तक 18,790.60 करोड़ रुपये से अधिक राशि की खरीद की गई है। वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा मंत्रालय का ऑर्डर मूल्य 28,732.90 करोड़ रुपये था, जबकि वित्तीय वर्ष 2021-22 में यह राशि 15,091.30 करोड़ रुपये थी। रक्षा उत्पादन विभाग के सौजन्य से रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) ने वित्त वर्ष 2022-23 में सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर 2,642.66 करोड़ रुपये का रक्षा साजो-सामान और सेवाएं उपलब्ध कराई थीं।

चालू वित्त वर्ष में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के रक्षा साजो-सामान और सेवाओं की खरीद करना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर रहा है। यह उपलब्धि 109 करोड़ रुपये के उत्कृष्ट औसत दैनिक ऑर्डर मूल्य की उपलब्धता को दर्शाती है। देश भर में 19,800 से अधिक खरीदारों की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक रूप से 3 लाख से अधिक ऑर्डर देने से चालू वित्त वर्ष में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है।

सरकारी ई-मार्केटप्लेस के समग्र सकल व्यापारिक मूल्य में रक्षा मंत्रालय का योगदान लगातार शानदार बना हुआ है, जो इसकी स्थापना के बाद से लगभग 15 प्रतिशत है और चालू वित्तीय वर्ष में बढ़कर 16 प्रतिशत तक हो गया है। इसके अलावा, शुरुआत से ही सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर दिए गए 17,026,945 अनुबंधों में से रक्षा मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसने कुल 4,761,585 ऑर्डरों में से लगभग 28 प्रतिशत के लिए अपना योगदान दिया है।

पुरानी निविदा प्रक्रिया को नया रूप देने और डिजिटलीकरण के माध्यम से सरकारी खरीद में अधिक ईमानदारी बरतने एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अगस्त 2016 में सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) की शुरुआत की गई थी। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) अपनी स्थापना के बाद से पिछले सात वर्षों में रक्षा मंत्रालय के डिजिटल अभियान के प्रति वचनबद्ध रहा है।

सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से रक्षा मंत्रालय की प्रभावशाली खरीद पारदर्शी व सुव्यवस्थित क्रय-विक्रय संचालन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने में इस प्लेटफार्म की प्रभावशीलता एवं दक्षता को उजागर करती है। विभिन्न रक्षा संस्थाओं द्वारा सरकारी ई-मार्केटप्लेस को व्यापक रूप से अपनाया गया है और यह समग्र खरीद परिदृश्य को सरल बनाने तथा इसको आगे बढ़ाने में सरकारी ई-मार्केटप्लेस की सफलता के बारे में बताता है।

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