पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने पूर्वी और उत्तर पूर्वी क्षेत्र की राज्य विद्युत उपयोगिताओं के लिए सम्मेलन आयोजित किया

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने पूर्वी और उत्तर पूर्वी क्षेत्र की राज्य विद्युत उपयोगिताओं के लिए सम्मेलन आयोजित किया

विद्युत मंत्रालय के अधीन एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) ने हाल ही में केरल के कोवलम में ” गतिशील नियामक वातावरण में पीएफसी के वित्तपोषण” विषय पर ‘पूर्वी और उत्तर पूर्वी राज्य क्षेत्र उपयोगिताओं’ का एक सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में पूर्वी और उत्तरी पूर्वी क्षेत्र की 17 राज्य-क्षेत्र की विद्युत और बुनियादी ढांचा उपयोगिताओं ने भाग लिया। सात राज्य बिजली उपयोगिताओं के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, विभिन्न राज्य उपयोगिताओं के निदेशक और उपयोगिताओं के अधिकारी भी इसमें शामिल हुए।

पीएफसी की सीएमडी परमिंदर चोपड़ा; निदेशक (परियोजनाएं), राजीव रंजन झा; कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएं), एचके दास और पीएफसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इसमें भाग लिया और प्रतिभागियों के साथ अपने विचार साझा किए।

सम्मेलन के दौरान, पीएफसी ने अपने उत्पादों के बारे में विवरण साझा किया, जिसमें दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण, ऋण सुविधाएं, मंजूरी और संवितरण तंत्र शामिल हैं। पीएफसी अधिकारियों ने प्रतिभागियों को लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढ़ांचा क्षेत्रों को वित्त पोषित करने के लिए हाल ही में निगम को सौंपे गए अधिदेश के बारे में भी जानकारी दी। विद्युत मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं जैसे रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के बारे में भी जानकारी दी गई। पीएफसी ने राज्य उपयोगिताओं से विद्युत मंत्रालय द्वारा निर्धारित अतिरिक्त विवेकपूर्ण मानदंडों (एपीएन) का अनुपालन करने का भी आग्रह किया, ताकि राज्य उपयोगिताओं को मजबूत बनाया जा सके। पीएफसी ने उन्हें इन परियोजनाओं को लागू करने में परामर्श देने और तकनीकी सहायता प्रदान करने का भी आश्वासन दिया।

पीएफसी ने राज्य उपयोगिताओं को अपने क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अन्य क्षमता निर्माण परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्हें परामर्श समाधान और ऋण (कैपेक्स और गैर-कैपेक्स) के माध्यम से धन की मंजूरी सहित अपनी सहायता का भी भरोसा दिया। जिससे उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनुकूलित किया जाए।

राज्य उपयोगिताओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने यूटिलिटीज के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पीएफसी जैसे वित्तीय संस्थानों से अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया और अपेक्षाएं कीं। अधिकारियों ने उच्चतम स्तर पर अनुभवों और चिंताओं के आदान-प्रदान की सुविधा हेतु साझा ऐसा मंच उपलब्ध कराने के लिए पीएफसी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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