अंतरिम बजट में प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष कर प्रस्‍ताव यथावत

अंतरिम बजट में प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष कर प्रस्‍ताव यथावत

केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए कहा कि कर प्रस्‍तावों के संबंध में परम्‍परा के अनुसार मैं कराधान के संबंध में किसी भी परिवर्तन का प्रस्‍ताव नहीं कर रही हूं। आयात शुल्‍क सहित अप्रत्‍यक्ष करों के संबंध में कर दरें यथावत रखने का प्रस्‍ताव कर रही हूं।

कराधान में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए वित्‍त मंत्री ने स्‍टार्टअप और सावरेन वेल्‍थ या पेंशन फंड द्वारा किए गए निवेश के लिए कुछ कर लाभ तथा कुछ आईएफएससी इकाईयों की आय पर कर छूट की समय सीमा 31.03.2025 तक बढ़ाने का प्रस्‍ताव किया है।

सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप जीवन की सुगमता और व्‍यापार करने में आसानी के लिए कर सेवा सुविधा में सुधारों की घोषणा की गई है। बड़ी संख्‍या में कई छोटी-छोटी गैर-सत्‍यापित, गैर-समायोजित या विवादित प्रत्‍यक्ष कर मांग बहीखातों में लंबित है, इनमें से कई मांगें वर्ष 1962 से से भी पहले की है। वित्‍त मंत्री ने प्रस्‍ताव किया है कि वित्‍तीय वर्ष 2009-10 तक की अवधि से संबंधित 25,000 रुपये तक और वर्ष 2010-11 से 2014-15 से संबंधित 10,000 तक की ऐसी बकाया प्रत्‍यक्ष कर मांगों को वापस लेने का प्रस्‍ताव किया है, इससे लगभग एक करोड़ करदाता लाभांवित होंगे।

Related posts

Leave a Comment